भजन 589 पहाड़ो पे हसते है मसीहा के दीवाने गीत
हिंदी ईसाई गाने
पहाड़ो पे हसते है मसीहा के दीवाने -२
पहाड़ो से कहते है मसीहा के परवाने…..
यिसु नाम मे उखड़ो कलाम से उखड़ो
बीमारी के, लाचारी के, नादारी के पहाड़ो…
उखड़ो, उखड़ो, उखड़ो… उखड़ो, उखड़ो, उखड़ो…
1. उन चीज़ो को भूलाते है जो नही के जैसे है,
ना उमीदी की हालत मे ईमान लाते है -2
यह ना जोर से है, और ना ताकत से है -2
पाक रूह की कूबत से कहते है.. उखड़ो, उखड़ो, उखड़ो…
2. ईमान मे मजबूत है तमजीद करते है,
खुदावंद के वादों पर शक न करते है -2
वो लहू से धुले, और मसाह से भरे -2
पाक रूह की कूबत से कहते है.. उखड़ो, उखड़ो, उखड़ो…
3. मजबूत है पुर जोर है बेदिल ना होते है,
खुदा के बेटे बेटियां शेजोर होते है -2
वो ईमान से भरे, और चटान पर खड़े -2
पाक रूह की कूबत से कहते है.. उखड़ो, उखड़ो, उखड़ो…