भजन 407 मन मन्दिर में बसने वाला गीत
हिंदी ईसाई गाने
मन मन्दिर में बसने वाला (2)
यीशु तू है निराला (2)
1.(जिसके मन में तू जन्म ले,
अविनाशी आनन्द से भर दे) (2)
(आदि अनन्त की प्रीत रीत की,
जल जाऐगी ज्वाला) (2)
2 (मूसा को तूने पास बुलाया,
स्वर्ग लोक का भवन दिखाया) (2)
(महा पवित्र स्थान में रहकर,
आप ही उसे सम्भाला) (2)
3. (पाप में दुनियाँ डूब रही थी,
परम पिता से दूर रही थी) (2)
(महिमा अपनी आप ही तज कर,
रूप मनुष्य ले आया) (2)
4.(प्रेम हमें अनमोल दिखाया,
प्रेम की खातिर रक्त बहाया) (2)
(क्रूस पर अपनी जान को देकर,
मौत से हमें छुड़ाया) (2)
5.(हर विश्वासी प्रेम से आये,
खुशी से अपनी भेंट चढ़ाये) (2)
(अन्धकार अब सब दूर हुए हैं,
मन में हुआ उजियाला) (2)
