भजन 345 तेरा कलाम है चिराग गीत
हिंदी ईसाई गाने
तेरा कलाम है चिराग, मेरी राहों की रोशनी
अपने दिल में, मैने इसको छुपा के रखा है
किस तरह से मैं खुद को पाक रखूं
किस तरह से खुदा की राह चलूं
तेरे कलाम को पढ़ूँ है यही मेरी ज़िंदगी
तेरी शरीयत कभी ना भूलूंगा
तेरे क़ानून से ना भटकुंगा
अपनी तालीम दे मुझे
है इसी में मेरी खुशी
कितनी आक्चीी हैं अकल की बातें
वो मुझे शहद से भी मीठी हैं
झूठी राहों से है नफ़रत
मिल गयी राह मुझे सही
